असम सरकार का महत्वपूर्ण कदम, रिटेंशन समेत योजना और गैर योजना व्यवस्था बंद

गुवाहाटी

असम सरकार ने राज्य में रिटेंशन व्यवस्था समेत योजना और गैर योजना व्यवस्था बंद कर सभी कर्मचारियों के स्थाईकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है| साथ ही डिफाल्टर घोषित किए गए कर्मचारियों का वेतन बैंकों से क्लीयरेंस आने तक रोकने का निर्णय लिया है|

वही राज्य की औसत विकास दर को ध्यान में रखते हुए केंद्र ने अगले 5 साल तक 14 फीसदी की दर से असम को GST के तहत प्रतिभाग देने का निर्णय लिया है|

वित्त विभाग की उच्चस्तरीय बैठक के बाद मंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने इस बात की जानकारी दी| GST के संदर्भ में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, “ असम में GST के जरिए राज्य को प्राप्य धन में असम के मामले में केंद्र ने दरयादिली दिखाई है| केंद्र की पूर्व निर्धारित नीति के अनुसार राज्य को उसकी GDP के अनुपात में एकमुश्त राशि की व्यवस्था है और चूँकि असम की GDP दर महज 8 प्रतिशत है, उस हिसाब से काफी कम राशि असम को मिलती| राज्य सरकार के अनुरोध पर केंद्र ने सालाना 1500 करोड़ रुपए देने पर सहमती जताई है|”

उन्होंने बताया कि राज्य की सरकार ने रिटेंशन व्यवस्था को खत्म करने का निर्णय लिया है| आगामी 1 अप्रैल से योजना और गैर-योजना व्यवस्था भी बंद कर दी जाएगी| कर्मचारियों के स्थाईकरण की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि वे अपने अस्थाई कर्मचारियों को शोर्टलिस्ट करे ताकि उनके स्थाईकरण की प्रक्रिया पूरी की जा सके|

राज्य सरकार ने उन तमाम योजनाओं को बंद करने का निर्णय लिया है जिनका लाभ जनता तक नहीं पहुंचता| इससे राज्य पर पड़ने वाला अतिरिक्त बोझ कम होगा| मंत्री ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के स्थानांतरण मामले में भी सख्ती बरतेगी और सभी कर्मचारियों के लिए इसका पालन करना अनिवार्य होगा|


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